ब्लॉक मुख्यालय पर बनेंगे स्थाई हेलीपैड:आपदा प्रबंधन और VIP मूवमेंट होगा आसान
रूरल
न्यूज नेटवर्क। सरकार ने प्रदेश
के दूर-दराज के इलाकों को हवाई कनेक्टिविटी से जोड़ने और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित
राहत पहुँचाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। इसके तहत, राज्य के प्रत्येक
ब्लॉक मुख्यालय पर स्थाई हेलीपैड बनाए जाएंगे।
इस
योजना का मुख्य उद्देश्य आपदा के समय राहत कार्यों में तेजी लाना है। साथ ही, वीआईपी
दौरों के दौरान अस्थाई हेलीपैड पर होने वाले अनावश्यक खर्च को भी रोकना है।
लोक
निर्माण विभाग ने शुरू की तैयारी शासन के निर्देश मिलते ही लोक निर्माण विभाग
(PWD) ने निर्माण कार्य के लिए कमर कस ली है। विभाग ने तहसील स्तर पर एसडीएम को पत्र
लिखकर ब्लॉक मुख्यालयों के आसपास उपयुक्त सरकारी भूमि चिन्हित करने का अनुरोध किया
है। सहजनवा तहसील के पाली, पिपरौली और सहजनवा ब्लॉक में इसके लिए भूमि चयन की प्रक्रिया
तेज कर दी गई है।
Image Source Here...
क्यों पड़ी स्थाई
हेलीपैड की जरूरत
वर्तमान
में किसी भी आपदा या वीआईपी आगमन के समय प्रशासन को आनन-फानन में कच्चे और अस्थाई हेलीपैड
तैयार करने पड़ते हैं। इसमें न केवल काफी समय बर्बाद होता है, बल्कि हर बार लाखों रुपये
की धनराशि भी खर्च होती है। स्थाई हेलीपैड बनने से बार-बार बनने वाले अस्थाई हेलीपैड
का खर्च बचेगा। बाढ़, भूकंप या अन्य किसी प्राकृतिक आपदा के समय एयरलिफ्टिंग और राहत
सामग्री पहुँचाने के लिए ये हेलीपैड लाइफलाइन साबित होंगे।बेहतर कनेक्टिविटी ब्लॉक
स्तर पर हवाई सुविधा उपलब्ध होने से प्रशासनिक अधिकारियों और विशेषज्ञों का पहुँच पाना
सुगम होगा।
भूमि
चयन की प्रक्रिया और मानक लोक निर्माण विभाग द्वारा भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया
गया है कि हेलीपैड के लिए ब्लॉक मुख्यालय के समीप ऐसी सरकारी भूमि की आवश्यकता है जो
तकनीकी रूप से सुरक्षित हो और जिसका हस्तांतरण नि:शुल्क किया जा सके।
सहजनवा
के एसडीएम केशरी नंदन तिवारी ने बताया लोक निर्माण विभाग की मांग पर हमने राजस्व निरीक्षकों
और लेखपालों की टीम को भूमि चिन्हित करने की जिम्मेदारी सौंप दी है। हमारा प्रयास है
कि जल्द से जल्द ऐसी भूमि का चयन कर लिया जाए जो आवागमन के लिहाज से सुलभ हो। रिपोर्ट
मिलते ही विभाग को अवगत करा दिया जाएगा।
विकास
को मिलेगी नई गति जानकारों का मानना है कि इस पहल से न केवल प्रशासनिक तंत्र मजबूत
होगा, बल्कि भविष्य में इन हेलीपैड का उपयोग मेडिकल इमरजेंसी (एयर एम्बुलेंस) के लिए
भी किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री की इस महत्वाकांक्षी योजना से ग्रामीण अंचलों का सीधा
जुड़ाव राजधानी और अन्य प्रमुख केंद्रों से बढ़ेगा।
राजस्व विभाग की टीमें
वर्तमान में जमीन के गाटा संख्या और क्षेत्रफल की पैमाइश कर रही हैं, ताकि निर्माण
कार्य में कोई तकनीकी बाधा न आए। आने वाले कुछ महीनों में सहजनवा समेत प्रदेश के कई
ब्लॉकों में हेलीकॉप्टर की गड़गड़ाहट सुनाई देने लगेगी।