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गोरखपुर / सहजनवा
20-May-2026 04:52 PM
सपा का हल्लाबोल, गीडा में बढ़ते प्रदूषण व स्थानीय युवाओं के रोजगार को लेकर धरना, एसडीएम को सौंपा ज्ञापन
रूरल न्यूज नेटवर्क।सहजनवा तहसील
परिसर में जनसमस्याओं को लेकर बुधवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने
जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ
नारेबाजी करते हुए राज्यपाल को संबोधित एक मांग पत्र उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को
सौंपा। प्रदर्शन में गीडा क्षेत्र में बेकाबू होते प्रदूषण, भूजल के अत्यधिक दोहन और स्थानीय युवाओं को रोजगार न मिलने
जैसे गंभीर मुद्दे प्रमुखता से उठाए गए।
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सपा नेताओं ने आरोप लगाया
कि गीडा (गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण) क्षेत्र में संचालित कई फैक्ट्रियों
से निकलने वाला जहरीला धुआं, राख और
प्रदूषित कण आसपास के गांवों व बाजारों की हवा को खराब कर रहे हैं। इससे स्थानीय
निवासियों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में जलन जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का
सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में विशेष रूप से गैलेंट टीएमटी और जालान फैक्ट्री
से फैल रहे प्रदूषण पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। इसके अलावा, फैक्ट्रियों द्वारा किए जा रहे भूगर्भ जल के अत्यधिक दोहन
से गिरते जलस्तर पर भी चिंता जताई गई।
धरने को संबोधित करते हुए
सपा के पूर्व जिला अध्यक्ष एडवोकेट राम नगीना साहनी ने कहा कि सरकार जनसमस्याओं को
लेकर गंभीर नहीं है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन किसानों ने उद्योगों की
स्थापना के लिए अपनी कीमती जमीनें दे दीं, आज उन्हीं के
बच्चे रोजगार के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने मांग की कि स्थानीय युवाओं को इन
फैक्ट्रियों में प्राथमिकता के आधार पर रोजगार दिया जाए। इसके साथ ही राष्ट्रीय
राजमार्ग पर कालेसर से जिगिना तक बंद पड़े डिवाइडरों को भी आम जनता की सहूलियत के
लिए तुरंत खोलने की मांग उठाई गई।
शासन स्तर पर भेजी जाएंगी
मांगें, जांच जारी: एसडीएम
इस प्रदर्शन में सपा के
जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र यादव, रामनाथ यादव, सहजनवा विधानसभा अध्यक्ष कमांडो मनीष यादव और विधानसभा
उपाध्यक्ष गिरीश यादव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। ज्ञापन लेने के
बाद उपजिलाधिकारी सहजनवा केसरी नंदन तिवारी ने बताया कि शासन जनकल्याण और स्थानीय
समस्याओं को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि प्रदूषण समेत कुछ मामलों की
जांच और समाधान की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है, जबकि अन्य
मांगों को उचित कार्रवाई के लिए उच्च स्तर पर भेजा जा रहा है।