गोरखपुर में शहीद बंधु सिंह के नाम की पट्टिका तोड़ी:स्मृति द्वार से नाम हटाने पर हुआ विवाद, पुलिस कर रही मामले की जांच
गोरखपुर में हनुमान
मंदिर परिसर स्थित
निर्माणाधीन शहीद बंधु
सिंह स्मृति द्वार
पर अंकित नाम
की पट्टिका तोड़
दिए जाने से विवाद खड़ा
हो गया। मामला
चौरीचौरा इलाके के
सरैया ग्राम पंचायत
का है। घटना
के बाद पुलिस
बल तैनात कर
दिया गया है और प्रशासन
ने स्थिति को
संवेदनशील मानते हुए
निगरानी बढ़ा दी है।
Image Source Here...
हनुमान मंदिर परिसर
के सौंदर्यीकरण और
स्मृति द्वार निर्माण
का काम पिछले
एक साल से जारी है।
निर्माण की प्रक्रिया
मंदिर समिति और
गन्ना समिति के
साथ बैठक और सहमति के
बाद आगे बढ़ी।
इस प्रयास में
शहीद बंधु सिंह
के वंशज अजय
कुमार सिंह ‘टप्पू’
की पहल प्रमुख
मानी जा रही है। करीब सप्ताह भर
पहले स्मृति द्वार
पर बंधु सिंह
का नाम पट्ट
में अंकित किया
गया था, जिसे
स्थानीय गौरव के रूप में
भी देखा जा रहा था।
CM से उद्घाटन की थी तैयारी
ग्रामीणों के अनुसार
स्मृति द्वार का
उद्घाटन मुख्यमंत्री द्वारा
कराए जाने की योजना भी
चर्चा में थी। यह भी
उल्लेखनीय है कि
मुख्यमंत्री द्वारा हाल
ही में लखनऊ
के प्रेरणा स्थल
में शहीद बंधु
सिंह की प्रतिमा
स्थापित की गई, जिससे पूरे
पूर्वांचल में उनकी
स्मृति को लेकर गतिविधियां बढ़ी हैं।
इसी संदर्भ में
सरैया का स्मृति
द्वार भी सांस्कृतिक
रूप से महत्वपूर्ण
माना जा रहा था।
भीड़ में महिलाएं-पुरुष
थे शामिल
गुरुवार दोपहर सरैया
के लठौरवा टोले
से जुड़े कुछ
लोगों ने भीड़ इकट्ठी कर
पट्टिका को तोड़ दिया। ग्रामीणों
के अनुसार भीड़
में महिलाएं और
पुरुष दोनों की
मौजूदगी थी। घटना
के बाद मंदिर
परिसर में तनाव
की स्थिति बन
गई और आसपास
के ग्रामीण भी
मौके पर जुट गए।
शहीद बंधु सिंह
का नाम हटाने
से ग्रामीणों में
असंतोष देखा गया।
ग्रामीणों का कहना
है कि यह सिर्फ एक
पट्टिका का मामला
नहीं बल्कि शहीद
की विरासत, इतिहास
और पहचान से
जुड़ा विषय है।
स्वतंत्रता संग्राम में बंधु
सिंह की भूमिका
पूर्वांचल में गर्व
का प्रतीक है,
इसलिए स्मारक से
नाम हटाए जाने
पर लोगों ने
इसे गंभीर मुद्दे
के रूप में लिया।